बादलों से भी ऊपर आलीशान महल - Sajjangarh Monsoon Palace in Hindi

बादलों से भी ऊपर आलीशान महल - Sajjangarh Monsoon Palace in Hindi, इसमें उदयपुर के सज्जनगढ़ महल के बारे में बताया है जो बादलों से भी ऊँचा महल है।



क्या आप जानते हैं कि उदयपुर में एक ऐसा महल है जो शहर में सबसे अधिक ऊँचाई पर बना हुआ है और बारिश के मौसम में इस महल के चारों तरफ बादल ही बादल नजर आते हैं।

यह महल उदयपुर रेलवे स्टेशन से लगभग दस किलोमीटर की दूरी पर अरावली की पहाड़ियों में बांसडारा की चोटी पर स्थित है।

बांसडारा की चोटी को उदयपुर की पहाड़ियों में सबसे ऊँची पहाड़ी माना जाता है जिसकी समुद्र तल से ऊँचाई लगभग 944 मीटर यानी 3100 फीट है।

इस महल को सज्जनगढ़ पैलेस या मानसून पैलेस के नाम से जाना जाता है। इसको उदयपुर का मुकुटमणि भी कहते है। पहले यह महल मेवाड़ राजपरिवार के अधिकार में था लेकिन अब यह महल वन विभाग के अधिकार में है।

सिटी पैलेस से सज्जनगढ़ पैलेस की कुल दूरी लगभग साढ़े सात किलोमीटर है जिसमें तीन साढ़े तीन किलोमीटर की पहाड़ी पर चढ़ाई शामिल है। पहाड़ी के ऊपर महल तक सड़क बनी हुई है और यहाँ पर आप बाइक या कार दोनों से जा सकते हैं।

चूँकि महल सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क क्षेत्र में आता है इसलिए इसमें जाने के लिए मुख्य गेट पर टिकट लेनी पड़ती है। टिकट लेने के बाद पहाड़ी की चढ़ाई शुरू होती है।

पहाड़ी पर सड़क टेढ़ी मेढ़ी और सर्पिलाकार आकृति में बनी हुई है। इस सड़क पर चढ़ाई करना बड़ा रोमांचकारी लगता है। बारिश के मौसम में जब चारों तरफ सघन हरियाली होती है तब यहाँ की प्राकृतिक सुन्दरता देखते ही बनती है।

महल के आगे बड़ा सा गार्डन बना हुआ है। यहाँ से पिछोला और फतेहसागर दोनों झीलें नजर आती है। बारिश के मौसम में चारों तरफ बादल होने से यहाँ का नजारा देवलोक सा दिखाई देता है और ऐसा लगता है कि जैसे हम बादलों में तैर रहे हों।

महल में प्रवेश के लिए एक मुख्य द्वार बना हुआ है। पत्थर का बना हुआ यह द्वार काफी बड़ा और कलात्मक है। द्वार और महल को बनाने में संगमरमर और ग्रेनाइट का इस्तेमाल किया गया है और ये वास्तुकला का बेजोड़ उदाहरण है।

मुख्य महल एक बहुमंजिला इमारत है जिसमें बने कई फीट ऊँचे स्तंभों को फूलों, पत्तियों और बेल बूटों से अलंकृत किया गया है।

महल में जगह-जगह संगमरमर के जालीदार झरोखे बने हुए है जिनमें बैठकर प्राकृतिक सुन्दरता को देखने के साथ-साथ महसूस भी किया जा सकता है।

निर्माण के लिए जटिल नक्काशीदार स्थानीय शिष्ट कल्ली के पीले प्लास्टर का उपयोग किया गया है जिसे चूना और संगमरमर मिश्रण (जिंकी) से बनाया जाता था। महल की ऊपरी मंजिलों में जाने के लिए एक गोलाकार सीढ़ी बनी हुई है।

महल में वन्य जीव जंतुओं के साथ-साथ वन्य जीवन को भी प्रदर्शित किया गया है। आदिवासी जीवन को दर्शाते मॉडल भी बने हुए हैं।

महल के पीछे की तरफ से सुदूर जंगलों को देखा जा सकता है। इसी पिछले भाग में राजपरिवार के शिकार के लिए बनी हुई शिकार बाड़ी भी नजर आती है।

इस महल से उदयपुर और उसके आस पास की प्राकृतिक सुन्दरता के साथ-साथ सूर्योदय और सूर्यास्त का भी बड़ा सुन्दर नजारा होता है। टूरिस्ट यहाँ पर आकर सनसेट देखना नहीं भूलते हैं।

इस महल में कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है जिनमें जेम्स बांड की फिल्म ओक्टोपसी (Octopussy) प्रमुख है। इस फिल्म में यह पैलेस खलनायक अफगान राजकुमार कमाल खान के निवास के रूप में चित्रित है।

अगर हम सज्जनगढ़ के महल के निर्माण की बात करें तो इस बहुमंजिला इमारत का निर्माण महाराणा सज्जन सिंह (1859-1884) ने वर्षा ऋतु में बादलों पर नजर रखने के लिए यानी मौसम का अध्ययन करने के लिए एक वेधशाला के रूप में शुरू करवाया था।

बताया जाता है कि महाराणा सज्जन सिंह इस महल को नौ मंजिला इमारत के रूप में बनवाना चाहते थे लेकिन उनकी अकाल मृत्यु की वजह से उनकी यह योजना पूरी नहीं हो पाई।

इस महल को बनवाने का एक कारण यह भी बताया जाता है कि इस महल से वे अपने पूर्वजों के निवास चित्तौड़गढ़ को भी देखना चाहते थे।

इस महल की नींव 18 अगस्त 1883 में रखी गई थी लेकिन 1884 ईस्वी में मात्र 25 वर्ष की उम्र में अपनी असमय मृत्यु की वजह से महाराणा सज्जन सिंह इसे पूरा होते नहीं देख पाए और निर्माण कार्य रुक गया।

महाराणा सज्जन सिंह की मृत्यु के पश्चात महाराणा फतेह सिंह ने इस महल को 1898 में पूर्ण करवाया। वर्ष 1900 में महाराणा फतेह सिंह ने सज्जनगढ़ महल की पश्चिमी दिशा में एक शिकार बाड़ी का निर्माण भी करवाया था।

महल के प्रत्येक स्तर पर जल संचयन के लिए टांका भी बनाया गया था। वर्ष 1956 में महाराणा भगवत सिंह ने इस महल को जनता को दान कर दिया।

अगर आप उदयपुर भ्रमण पर जाए तो आपको सज्जनगढ़ के इस महल को देखकर, इसकी सुन्दरता को महसूस करके अपनी यादों में अवश्य सँजोना चाहिए।

सज्जनगढ़ मानसून महल की मैप लोकेशन - Map Location of Sajjangarh Monsoon Palace



सज्जनगढ़ मानसून महल का वीडियो - Video of Sajjangarh Monsoon Palace



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डिस्क्लेमर (Disclaimer)

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रमेश शर्मा

नमस्ते! मेरा नाम रमेश शर्मा है। मैं एक रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट हूँ और मेरी शैक्षिक योग्यता में M Pharm (Pharmaceutics), MSc (Computer Science), MA (History), PGDCA और CHMS शामिल हैं। मुझे भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और धार्मिक स्थलों को करीब से देखना, उनके पीछे छिपी कहानियों को जानना और प्रकृति की गोद में समय बिताना बेहद पसंद है। चाहे वह किला हो, महल, मंदिर, बावड़ी, छतरी, नदी, झरना, पहाड़ या झील, हर जगह मेरे लिए इतिहास और आस्था का अनमोल संगम है। इतिहास का विद्यार्थी होने की वजह से प्राचीन धरोहरों, स्थानीय संस्कृति और इतिहास के रहस्यों में मेरी गहरी रुचि है। मुझे खास आनंद तब आता है जब मैं कलियुग के देवता बाबा खाटू श्याम और उनकी पावन नगरी खाटू धाम से जुड़ी ज्ञानवर्धक और उपयोगी जानकारियाँ लोगों तक पहुँचा पाता हूँ। इसके साथ मुझे अलग-अलग एरिया के लोगों से मिलकर उनके जीवन, रहन-सहन, खान-पान, कला और संस्कृति आदि के बारे में जानना भी अच्छा लगता है। साथ ही मैं कई विषयों के ऊपर कविताएँ भी लिखने का शौकीन हूँ। एक फार्मासिस्ट होने के नाते मुझे रोग, दवाइयाँ, जीवनशैली और हेल्थकेयर से संबंधित विषयों की भी अच्छी जानकारी है। अपनी शिक्षा और रुचियों से अर्जित ज्ञान को मैं ब्लॉग आर्टिकल्स और वीडियो के माध्यम से आप सभी तक पहुँचाने का प्रयास करता हूँ। 📩 किसी भी जानकारी या संपर्क के लिए आप मुझे यहाँ लिख

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