Ek Baar Rajasthan Aa Ke Dekh Poem, इसमें एक बार राजस्थान आ के देख नामक शीर्षक की कविता के माध्यम से राजस्थान के पर्यटन को बताने की कोशिश है।
एक बार राजस्थान आ के देख कविता के बोल - Lyrics of Ek Baar Rajasthan Aa Ke Dekh Poem
एक बार राजस्थान आ के देख
तेरा दिल यहीं रह जाएगा
ज़िंदगी की खट्टी-मीठी
यादों से नाता बन जाएगा
राजपूताना का वो स्वाभिमान
और प्यार की सौगात
रेगिस्तान से पहाड़ों तक
बीते हर दिन, हर रात
एक बार राजस्थान आ के देख
सब कुछ भूल जाएगा
किलों, महलों, गलियों में
दिल फिर मुस्काएगा
एक बार राजस्थान आ के देख
सपनों को पहचान
ज़िंदगी भर साथ चलेगा
राजपूताना का अभिमान
आमेर किला, जैसलमेर
मेहरानगढ़, कुंभलगढ़
हवा महल की गलियों से
सीधा चित्तौड़ का गढ़
तंग गलियाँ, शहर के बाज़ार
हर मोड़ एक कहानी
जोधपुर, जयपुर, बीकानेर
लोक रंगों की रवानी
एक बार राजस्थान आ के देख
दिल फिर गुनगुनाएगा
हर तस्वीर, हर एहसास
गीत बनता जाएगा
थार के टीले, सम की रात
उदयपुर का सुनहरा काल
सुबह, दोपहर, शाम यहाँ
हर लम्हा है कमाल
माउंट आबू की ऊँचाई
सावन की फुहार
चंबल, बनास, अरावली
यादें बनें उपहार
रणथंभौर, सरिस्का, मेवाड़
वीरों का इतिहास
राजस्थान बस जाता है
सीधा दिल के पास
जीवन में कम से कम
एक बार ये कर लो
कुछ दिन इस धरती पर
खुद से फिर मिल लो
एक बार राजस्थान आ के देख
खुद को जान जाएगा
माटी की इस खुशबू को
कभी ना भूल पाएगा
Hmm… hmm…
राजस्थान… राजस्थान…
एक बार राजस्थान आ के देख कविता का वीडियो - Video of Ek Baar JRajasthan Aa Ke Dekh Poem
सोशल मीडिया पर हमसे जुड़ें (Connect With Us on Social Media)
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस कविता की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा की मौलिक रचना है। कविता में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
Tags:
Poetry
