जावर में हिरण्यकश्यप के महल के अलावा है एक फोर्ट - Jawar Fort Zawar, इसमें उदयपुर के पास जावर में प्राचीन किले और हिरण्यकश्यप के महल की जानकारी दी है।
गढ़ के चारों तरफ परकोटा बना है जिसके चारों किनारों पर मजबूत बुर्ज बनी है। गढ़ के अंदर एक खुला चौक है जिसके चारों तरफ कमरे बने हैं।
गढ़ की आकृति और महत्व को देखते हुए ऐसा लगता है कि रियासतकाल में यह गढ़ एक सैनिक चौकी के रूप में काम आता होगा यानी इस गढ़ में सैनिक रहा करते थे।
चूँकि जावर कस्बा प्राचीन काल से ही एक व्यापारिक केंद्र रहा है इसलिए इस जगह पर ये गढ़ बनाया गया। इस सैन्य चौकी का मुख्य काम इस एरिया में शांति और कानून व्यवस्था को बनाए रखना था।
वैसे अगर आप जावर में फोर्ट देखना चाहते हैं तो आपको नॉर्थ बारोई खदान के पास वाली हिरण्यकश्यप पहाड़ी पर मौजूद हिरण्यकश्यप का किला और महल देखना चाहिए।
ये फोर्ट अब खंडहर में बदल गया है लेकिन इस जगह पर आप भक्त प्रह्लाद का मंदिर, होलिका दहन वाली जगह और किले की मोटी दीवारों को देख सकते हैं।
ध्यान रखें कि इस छुपी हुई जगह पर ना तो आप अकेले जा सकते हैं और ना ही आपका अकेले जाना सुरक्षित है, इसलिए हिरण्यकश्यप के किले को देखने के लिए किसी लोकल आदमी को साथ जरूर लेकर जाना चाहिए।
लेखक (Writer)
रमेश शर्मा {एम फार्म, एमएससी (कंप्यूटर साइंस), पीजीडीसीए, एमए (इतिहास), सीएचएमएस}
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस लेख में शैक्षिक उद्देश्य के लिए दी गई जानकारी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन स्रोतों से ली गई है जिनकी सटीकता एवं विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। आलेख की जानकारी को पाठक महज सूचना के तहत ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।
Tags:
Tourism-Short