Hamara Tiranga Poem, इसमें हमारा तिरंगा नामक कविता के माध्यम से भारत के तिरंगे की आन, बान और शान के बारे में बताकर देशभक्ति की प्रेरणा दी गई है।
हमारा तिरंगा कविता के बोल - Lyrics of Hamara Tiranga Poem
भारत की शान, हमारा तिरंगा
सबकी पहचान, हमारा तिरंगा
पूरब की आन, पश्चिम की बान
उत्तर की शान, दक्षिण का मान
भारतीयों की जान, हमारा तिरंगा
भारत की शान, हमारा तिरंगा
सबकी पहचान, हमारा तिरंगा
घर-घर पर जब तिरंगा, शान से फहराए
मन में श्रद्धा, आस्था, देशप्रेम जगाए
देश की पहचान, हमारा तिरंगा
भारत की शान, हमारा तिरंगा
सबकी पहचान, हमारा तिरंगा
तिरंगे का अशोक चक्र, बहुत कुछ सिखाए
समय का महत्व, चौबीस भागों में बताए
भारत की प्रगति दिखाए, हमारा तिरंगा
भारत की शान, हमारा तिरंगा
सबकी पहचान, हमारा तिरंगा
हम सब एक है, तिरंगा सिखाता है
अपने तीनों रंगो के, मायने बताता है
भारत महान जताए, हमारा तिरंगा
भारत की शान, हमारा तिरंगा
सबकी पहचान, हमारा तिरंगा
हमारा तिरंगा कविता का वीडियो - Video of Hamara Tiranga Poem
सोशल मीडिया पर हमसे जुड़ें (Connect With Us on Social Media)
डिस्क्लेमर (Disclaimer)
इस कविता की समस्त रचनात्मक सामग्री रमेश शर्मा की मौलिक रचना है। कविता में व्यक्त विचार, भावनाएँ और दृष्टिकोण लेखक के स्वयं के हैं। इस रचना की किसी भी प्रकार की नकल, पुनर्प्रकाशन या व्यावसायिक उपयोग लेखक की लिखित अनुमति के बिना वर्जित है।
Tags:
Poetry
